Saturday, February 9, 2008

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का पहला अंतरराष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन



देश के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक इलाहाबाद विश्वविद्यालय 121 साल का हो गया है। 23 सितंबर 1887 को इस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। दुनिया भर में प्रतिष्ठित इलाहाबाद विश्वविद्यालय पहली बार अंतरराष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन बुला रहा है। दुनिया भर से ब्यूरोक्रैट, साइंटिस्ट, प्रोफेसर, नेता, पत्रकार, साहित्यकार पुरातन छात्र इस सम्मेलन में शामिल होंगे।

16, 17 और 18 फरवरी तीन दिनों तक ये अंतरराष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन होगा। इसके मुख्य समारोह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सीनेट भवन में होंगे। इसके अलावा सभी विभाग और छात्रावासों के पुराने छात्रों का मिलन समारोह उनके विभाग और छात्रावास की ओर से ही आयोजित किए जाएंगे। एल्युमुनाई कन्वेंशन 2008 के 3 दिनों में कुल 5 बड़े सिंपोजियम होंगे।

शनिवार 16 फरवरी को उद्घाटन सत्र के बाद न्यायिक, कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों का पहला सिंपोजियम होगा। इसमें सुप्रीमकोर्ट के कई न्यायाधीशों के अलावा इलाहाबाद उच्च न्यायालय और दूसरे राज्यों के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, अधिवक्ता शामिल होंगे। 17 फरवरी 08 को तीन सत्र होने हैं। पहले सत्र में कला और साहित्य पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में विज्ञान-तकनीक और तीसरे सत्र में शिक्षा और राष्ट्रीय विकास पर चर्चा होगी। इसी दिन शाम को हॉस्टल कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया जाएगा।

आखिरी दिन 18 फरवरी 08 को आज के परिदृश्य में बुद्धिजीवियों, संस्थाओं और दूसरे संस्थानों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संदर्भों में किस तरह की भूमिका हो सकती है, इस पर चर्चा होगी। इसके बाद एक डेढ़ घंटे का ओपन हाउस होगा जिसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय पुरातन छात्र संगठन इस बात पर चर्चा करेंगे कि विश्वविद्यालय की प्रगति में किस तरह से सहायक हुआ जा सकता है।

एल्युमुनाई कन्वेंशन 2008 के सचिव डॉक्टर प्रशांत अग्रवाल हैं। इसमें शामिल होने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र डॉक्टर अग्रवाल से agarwalprashant@hotmail.com पर या विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.allduniv.ac.in के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

2 comments:

mamta said...

ये तो ख़ुशी की बात है आख़िर हम भी इलाहाबाद के जो है। पर अफ़सोस हम आ नही सकते है।

Anami Sharan Babal said...

बरगद को देखा नहीं पर इलाहाबाद िश्वविघ्ालय की इस मीडिया पत्रिका को देखने की चीहत है
अनामी शरण बबल, a-3/ 154 h mayur vihar phase-3 दिल्ली 110096